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à¤à¤• महिला को जब यह पता चलता है कि वह गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ है खासकर जब उसका पहला गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ होता है तो वह उसी दिन से सपने बोना शà¥à¤°à¥‚ कर देती है। वह हर उन छोटे-छोटे अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ का बेसबà¥à¤°à¥€ से पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¾ करती है कि कब उसका बचà¥à¤šà¤¾ इस दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में आà¤à¤—ा और वह उसका चेहरा देखकर उसे पà¥à¤¯à¤¾à¤° से अपने सीने से लगाने का व उसको सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ करने का पल अनà¥à¤à¤µ करेगी।
इन सब खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ-साथ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को यह चिंता à¤à¥€ रहती है कि उसका पà¥à¤°à¤¸à¤µ कैसे होगा, उसे कौन सा पà¥à¤°à¤¸à¤µ होगा, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान उसे कà¥à¤¯à¤¾ करना है व कà¥à¤¯à¤¾ नहीं। à¤à¤¸à¥‡ बहà¥à¤¤ से पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ होते हैं जो हर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को परेशान करते हैं खासकर उन महिलाओं को जो पहली बार मां बनने जा रही होती है।
तो अब आप घबराà¤à¤‚ नहीं, हम आपको इस लेख में उन सब पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨à¥‹à¤‚ के उतà¥à¤¤à¤° देंगे व पूरी-पूरी कोशिश करेंगे कि आपको अपने सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बारे में संपूरà¥à¤£ जानकारी हो।
सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
सबसे पहले यह जानने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है कि सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ होता कà¥à¤¯à¤¾ है। यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है जिसमें महिला की योनि के माधà¥à¤¯à¤® से शिशॠबाहर आता है। उस समय गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ सामानà¥à¤¯ से बड़ी हो जाती है उसके बाद शिशॠबाहर आ सकता है।
अब यह सवाल आपके मन में उठता होगा कि सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ कितने पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं। इसके बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानते है।
सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के पà¥à¤°à¤•ार
सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ का यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ तरीका है जिसमें गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से तैयार होना पड़ता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें दरà¥à¤¦ को कम करने के लिठकिसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की दवा या इंजेकà¥à¤¶à¤¨ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— नहीं किया जाता है। इसमें महिला होने वाले दरà¥à¤¦ और दबाव दोनों को सहन करके ही शिशॠको जनà¥à¤® देती है।
इसमें गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की रीड की हडà¥à¤¡à¥€ में इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगाया जाता है जिससे पà¥à¤°à¤¸à¤µ का दरà¥à¤¦ कम हो जाता है। इसके लाठऔर हानियां दोनों है। इसमें दरà¥à¤¦ ना होने के कारण महिला सही से इस बात का पता नहीं लगा पाती कि उसे शिशॠको बाहर निकालने के लिठकब और कितना पà¥à¤¶ करना है। इससे पà¥à¤°à¤¸à¤µ के समय में à¤à¥€ बढ़ोतरी हो जाती है।
इसे à¤à¥€ पà¥à¥‡à¤‚: गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सफेद पानी आने के ऊपर समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ जानकारी
सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय
आमतौर पर सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ में लगने वाला समय गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की शारीरिक अवसà¥à¤¥à¤¾ पर निरà¥à¤à¤° करता है। अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का पहली बार सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ होने जा रहा है तो इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में 7 से 8 घंटे तक का समय लग सकता है वहीं अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का यह दूसरा सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ है तो उस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में थोड़ा समय लग सकता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में नारà¥à¤®à¤² डिलीवरी कैसे होती है?
सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को कà¥à¤² तीन चरणों में बांटते हैं और इसमें पहले चरण को à¤à¥€ तीन अलग-अलग à¤à¤¾à¤—ों में बांटा गया है।
सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ का पहला चरण
लेटेट पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾: सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ में लेटेट की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ लंबे समय तक चलती है। इसमें गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ 3 सेंटीमीटर तक खà¥à¤² सकती है और यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के 1 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पहले या फिर कà¥à¤› घंटे पहले शà¥à¤°à¥‚ हो सकती है। इस दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को बीच-बीच में संकà¥à¤šà¤¨ à¤à¥€ हो सकता है।
à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾: इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ 3 से 7 सेंटीमीटर तक खà¥à¤² जाती है। इस दौरान संकà¥à¤šà¤¨ की वजह से महिला को तेज दरà¥à¤¦ होता है।
टà¥à¤°à¤¾à¤‚जिशन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾: इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ 8 से 10 सेंटीमीटर तक खà¥à¤² जाती है। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान संकà¥à¤šà¤¨ लगातार होने से दरà¥à¤¦ à¤à¥€ बॠजाता हैं।
सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ का दूसरा चरण
इस चरण में शिशॠबाहर आता है। इस दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ पूरी तरह खà¥à¤² जाती है और संकà¥à¤šà¤¨ की गति à¤à¥€ काफी तेज हो जाती है। इस चरण में शिशॠका सिर à¤à¥€ पूरी तरह से नीचे आ जाता है। इस समय डॉकà¥à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को सà¥à¤µà¤¯à¤‚ से जोर लगाने को कहते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¤¾ करने से शिशॠका सिर बाहर आ जाता है। फिर उसके बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠके बाकी शरीर को बाहर निकाल देते हैं। यह समय महिला के लिठसबसे कठिन समय होता है।
सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ का तीसरा चरण
इस चरण में गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² का बाहर आना होता है। इसमे शिशॠके बाहर आने के बाद अब गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² के बाहर आने की बारी होती है। जब वह बाहर आ जाती है तब तीसरा चरण पूरा हो जाता है। इसमें कई बार दरà¥à¤¦ à¤à¥€ होता है और अधिक समय à¤à¥€ लग जाता है लेकिन सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ में इसके बाहर आने में 15 मिनट से अधिक समय नहीं लगता है। यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ पूरी तरह से पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय नजदीक आने पर शिशॠगरà¥à¤ में बिलà¥à¤•à¥à¤² निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में मौजूद पेलà¥à¤µà¤¿à¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की ओर खिसकने लगता है। शिशॠके नीचे खिसकने व सिर के नीचे आने में पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दबाव पड़ने लगता है। यह सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ की निशानी है। जब शिशॠनीचे की ओर आ जाता है तो महिला चलने फिरने में à¤à¥€ असमरà¥à¤¥ होने लगती है। उसे à¤à¤¸à¤¾ महसूस होने लगेगा कि जैसे शिशॠयोनि के दà¥à¤µà¤¾à¤° के पास पहà¥à¤‚च गया हो। उसे पेट में हलà¥à¤•ा पल à¤à¥€ à¤à¥€ महसूस होने लगता है।
#2. पानी निकलना
पानी निकलना à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ की निशानी है। इसमें गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को योनि से पानी जैसा तरल पदारà¥à¤¥ निकलने लगता है। यह कई बार कम निकलता है तो कई बार इसकी मातà¥à¤°à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाती है लेकिन अगर जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी निकलने लगे तो इसका मतलब है कि पानी की थैली फट गई है। पानी की थैली का फटना यह संकेत करता है कि लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ होने वाला है। इसलिठपानी की थैली फटते ही अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। इस दौरान यह तरल गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ या खून के रंग की तरह à¤à¥€ हो सकता है।
#3. संकà¥à¤šà¤¨ तेज होना
संकà¥à¤šà¤¨ की गति का बढ़ना à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा का सबसे बड़ा संकेत माना जाता है। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में संकà¥à¤šà¤¨ की गति धीरे-धीरे बढ़ती है परंतॠपà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय नजदीक आने पर यह गति तेजी से बढ़ती है। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को à¤à¤• अलग तरह का संकà¥à¤šà¤¨ महसूस हो सकता है जिसे पोडà¥à¤°à¥‹à¤®à¤² लेबर कहा जाता है।
इसे à¤à¥€ पà¥à¥‡à¤‚: पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी का मतलब सेकà¥à¤¸ का अंत नहीं है
#4. गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ में बदलाव
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के मà¥à¤– को गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ कहते हैं। पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय नजदीक आने पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ पतली होकर फैलने लगती है। यह इस बात का संकेत होता है कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का निचला à¤à¤¾à¤— पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठतैयार हो चà¥à¤•ा है।
#5. सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में सूजन
सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ सूजन आ जाती है। उसे पीठके पिछले हिसà¥à¤¸à¥‡ में à¤à¥€ दरà¥à¤¦ होता है।
#6. पेट खराब होना
पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय नजदीक आने पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को पेट खराब होने की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ बढ़ जाती है या यूं कहे कि महिला को कबà¥à¤œ, डायरिया, मरोड़ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ पेट से संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती है।
#7. बहà¥à¤¤ नींद आना
जैसे-जैसे यह समय नजदीक आता है तो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नींद आने लगती है। इस दौरान महिलाओं को कमजोरी à¤à¥€ महसूस होने लगती है और उनका बार-बार सोने का à¤à¥€ मन करता है परंतॠइसके साथ ही उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नींद आने में परेशानी à¤à¥€ होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के समय नजदीक होने के कारण उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बेचैनी रहने लगती है। यह लकà¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के साथ-साथ लेबर पेन के à¤à¥€ संकेत देता है।
#8. जोड़ों और मांसपेशियों में खिंचाव होना
पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय नजदीक आने पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को अपनी मांसपेशियों और जोड़ों में खिंचाव महसूस होने लगता है। यह à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¤µ और लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ होने की निशानी है।
#9. वजन घटना या बढ़ना
इस दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं का वजन या तो अचानक से बढ़ जाता हैं या फिर घट जाता हैं। यह à¤à¤• आम लकà¥à¤·à¤£ है परंतॠइसका शिशॠके वजन पर कोई पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं पड़ता है। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के वजन में होने वाला यह उतार-चढ़ाव पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय और नजदीक आने की निशानी है।
#10. मन में परिवरà¥à¤¤à¤¨ होना
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं का पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय जैसे-जैसे पास आता है उनको मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚गà¥à¤¸ या मन में परिवरà¥à¤¤à¤¨ होने जैसी चीजें बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने लगती है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ वे à¤à¤•दम से à¤à¤¾à¤µà¥à¤• हो जाती है तो कà¤à¥€-कà¤à¥€ चिड़चिड़ी। यह सब मन का परिवरà¥à¤¤à¤¨ शिशॠके जनà¥à¤® से पहले उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ होने वाले हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के बदलाव के संकेत देता है। जब à¤à¤¸à¤¾ होने लगे तो समठलीजिठकि लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ होने वाला है।
सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ और सिजेरियन पà¥à¤°à¤¸à¤µ में अंतर
सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ में महिला 12 से 48 घंटे के अंदर घर जाने में सकà¥à¤·à¤® हो जाती है लेकिन सिजेरियन पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद महिला को 4 से 5 दिन का समय लग सकता है।
सिजेरियन पà¥à¤°à¤¸à¤µ में ऑपरेशन वाली जगह पर महिला को कà¥à¤› महीनों से लेकर कई सालों तक दरà¥à¤¦ रह सकता है परंतॠसामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ में à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› à¤à¥€ नहीं होता है।
सिजेरियन पà¥à¤°à¤¸à¤µ में शिशॠकी डिलीवरी का दिन और समय निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होता है जिससे माठपहले से ही सब तैयारियां कर लेती है किंतॠसामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ में शिशॠका जनà¥à¤® का दिन व समय निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ नहीं होता है।
सिजेरियन पà¥à¤°à¤¸à¤µ में महिला शिशॠको पà¥à¤°à¤¸à¤µ के तà¥à¤°à¤‚त बाद सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने में सकà¥à¤·à¤® नहीं होती है जबकि सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ में शिशॠको अपनी माठके साथ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• संपरà¥à¤• उसके मà¥à¤•ाबले थोड़ा पहले मिल जाता है और महिला à¤à¥€ अपने शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना शà¥à¤°à¥‚ कर सकती है।
सिजेरियन पà¥à¤°à¤¸à¤µ में रिकवरी पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸ बढ़ जाता है जबकि सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ में यह कम दिनों का होता है।
सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ में महिला उस दौरान काफी पीड़ा सहन करती है जबकि सिजेरियन में उसको कम पीड़ा सहनी पड़ती है।
अगर महिला का पहला बचà¥à¤šà¤¾ सिजेरियन पà¥à¤°à¤¸à¤µ से हà¥à¤† है तो आगे होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ के लिठà¤à¥€ सिजेरियन पà¥à¤°à¤¸à¤µ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है।
सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ में महिला को खून की कमी का खतरा बना रहता है।
सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद महिला को गà¥à¤¦à¤¾ और योनि के बीच का à¤à¤¾à¤— जिसे पेरीनेम कहते हैं इसमें दरà¥à¤¦ रहने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
जो शिशॠयोनि मारà¥à¤— से जनà¥à¤® लेते हैं उन शिशà¥à¤“ं को जीवाणà¥à¤“ं की à¤à¤• अचà¥à¤›à¥€ खà¥à¤°à¤¾à¤• मिल जाती है जो शिशà¥à¤“ं को संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाती है और उनकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को मजबूत बनाती है।
महिलाओ को नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठकà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिठजानिà¤
#1. तनावमà¥à¤•à¥à¤¤ रहें
सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ की इचà¥à¤›à¤¾ रखने वाली महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान तनाव से दूर रहने के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने चाहिà¤à¥¤ इसके लिठवे धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगा सकती है, मधà¥à¤° संगीत सà¥à¤¨ सकती हैं या फिर कोई शिकà¥à¤·à¤¾à¤ªà¥à¤°à¤¦ किताबें या धारà¥à¤®à¤¿à¤• किताबें à¤à¥€ पॠसकती हैं।
#2. नकारातà¥à¤®à¤•ता से दूर रहे
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिला को नकारातà¥à¤®à¤•ता से दूर रहना चाहिà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लोगों के दौरान सà¥à¤¨à¥€ सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ बातों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं देना चाहिà¤à¥¤ हर महिला का अपना à¤à¤• अलग अनà¥à¤à¤µ होता है। इसलिठकिसी महिला का अनà¥à¤à¤µ बà¥à¤°à¤¾ है तो उसका डर आप अपने मन में ना पैदा होने दे। इसके लिठआप अपने आसपास सकारातà¥à¤®à¤•ता का माहौल बनाने के लिठअचà¥à¤›à¥‡ लोगों के संपरà¥à¤• में रहें, धारà¥à¤®à¤¿à¤• किताबें पढ़ें व सकारातà¥à¤®à¤• कहानियों और मूवीस को देखें। आपके अंदर जितना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सकारातà¥à¤®à¤•ता उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होगी या à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से मजबूत होंगी तो आपके सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ उतनी ही बढ़ेगी।
#3. सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहें
इससे पहले हर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना चाहिठकि अब पूरी तरह से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हो। आपको किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की कोई बीमारी या कोई कमी नहीं होनी चाहिà¤à¥¤ आपको यह पता होना चाहिठकि सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ में आपको बहà¥à¤¤ दरà¥à¤¦ होने वाला है। इसलिठआपका सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहना बहà¥à¤¤ आवशà¥à¤¯à¤• है।
#4. पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• व संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार ले
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को अपने खान-पान का पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤à¥¤ वह अपनी à¤à¥‚ख शांत करने के लिठही खाना ना खाà¤à¥¤ वह जो à¤à¥€ खाती है या पीती है इसका असर उसके पेट में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ पर à¤à¥€ पड़ता है। इसलिठहर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को à¤à¤¸à¤¾ आहार लेना चाहिठजो संपूरà¥à¤£ आहार हो। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिला को आयरन और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® लेना बहà¥à¤¤ आवशà¥à¤¯à¤• होता है। इससे शरीर में खून की कमी नहीं होती है।
#5. खà¥à¤¦ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रखें
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को हमेशा हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रहना चाहिà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इस दौरान खूब पानी व जूस पीना चाहिà¤à¥¤ शिशॠगरà¥à¤ में à¤à¤• थैली में à¤à¤• दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ से घिरा रहता है जिसको à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड कहते हैं और इसी से शिशॠको ऊरà¥à¤œà¤¾ मिलती है। इसलिठआवशà¥à¤¯à¤• है कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को à¤à¤¸à¥‡ समय में हर रोज नियमित रूप से 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिà¤à¥¤
#6. पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बारे में सही जानकारी लें
जरà¥à¤°à¥€ है कि आप पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बारे में सही जानकारी ही ले कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¥à¤°à¤® फैलाने से और फैलते हैं। इसलिठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बारे में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ व सही जानकारी पाने की कोशिश करनी चाहिà¤à¥¤
#7. उठने बैठने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें
इस दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को उठने बैठने से लेकर लेटने में सोने तक की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पूरा-पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠपर असर डालती हैं। इसलिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने शरीर को सही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रखने की कोशिश करनी चाहिà¤à¥¤ आखिरी के महीने में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पैरों के पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बल नहीं डालना चाहिठऔर बैठते समय उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने पेट को सही तरह से सहारा देना चाहिà¤à¥¤
#8. वजन नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखें
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान वजन का बà¥à¤¨à¤¾ à¤à¤• सामानà¥à¤¯ बात है लेकिन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का वजन बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥€ नहीं बà¥à¤¨à¤¾ चाहिà¤à¥¤ वजन के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ने से पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान परेशानी हो सकती है।
#9. सही डॉकà¥à¤Ÿà¤° का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करें
जब आप गरà¥à¤ धारण करती हैं तब आप किसी डॉकà¥à¤Ÿà¤° को à¤à¥€ दिखाती होंगी। उस समय आपके लिठसही डॉकà¥à¤Ÿà¤° का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करना बहà¥à¤¤ आवशà¥à¤¯à¤• है। इसलिठआप à¤à¤¸à¥‡ डॉकà¥à¤Ÿà¤° का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करें जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के शरीर की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के बारे में à¤à¥€ सही जानकारी देता रहे व जो आपका à¤à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤®à¤‚द हो।
सà¥à¤¬à¤¹-शाम नियमित रूप से सैर करें।
हलà¥à¤•ी फà¥à¤²à¥à¤•ी दौड़ लगाà¤à¤‚।
आप चाहे तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® की कà¥à¤²à¤¾à¤¸ à¤à¥€ जà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤¨ कर सकती हैं।
बà¥à¤–ार होने पर वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® ना करें।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® ना करें, इससे आपको थकावट हो सकती है।
आप सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के साथ-साथ योगासन à¤à¥€ कर सकती हैं, जैसे कि मरà¥à¤œà¤°à¥€ योगासन, कोणासन, वीरà¤à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨, तà¥à¤°à¤¿à¤•ोणासन, शवासन आदि।सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ कैसे होता है?
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